Saturday, January 28, 2006

बस युँ ही

आज मैने रंग दे बसंती देखी. बढिया है. देख लो बिना दिमाग पर जोर डाले.
आजकल समय का बहुत टोटा हो गया है. नये काम पर करीब ११ घंटे रोज खप रहे हैं. आज समय मिला है तो मकान की ढुंढाई चल रही है. ईतनी ठंड में बाहर जा कर मकान देखने में बारह बज जाती है. ठंड में दिमाग पर भी ताला लग गया है, कुछ मसला ही नही मिल रहा है चेपने को.
ठंड में पीना हो तो बस "जैक डेनियल" के साथ कोक मिलाओ और मजे करो.

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