Saturday, March 05, 2005

क्या यह हाईकू है ?

ध्यान मग्न चिन्तन में
सर्द सुबह अविचलित ऐकाकी
शान्त मानसरोवर

1 Comments:

Blogger Mahavir Sharma said...

श्री काली चरण जी,
आपकी कविता बहुत ही सुन्दर है, किन्तु इसे मुक्त-छन्द कहा जा सकता है।
हाईकू :-
मैं संक्षिप्त में लिख रहा हूं। बहुत ही सीधी सादी भाषा में दे रहा हूं, यदि कुछ पूछना हो तो बिना संकोच पूछ लेनाः
१.इस में तीन पंक्तियां होती हैं:
पहली पंक्ति में 5 अक्षर होते हैं -यह पूरा वाक्य माना जाता है ।
दूसरी में 7 अक्षर- यह पूरा वाक्य माना जाता है ।
तीसरी में 5 अक्षर- यह पूरा वाक्य माना जाता है ।
संयुक्त अक्षर 1 माना जाता है, मात्रा नहीं गिनी जाती।
उद्धारणः “हंसेंगे गिद्ध” में 5 अक्षर:- हं/सें/गे/गि/द्ध
अगली बातः तीनों वाक्य अलग अलग हों, एक ही वाक्य को तोड़ कर तीन पंक्तियां नहीं बना सकते, जैसे यह गलत होगाः-
'होली का पर्व सब ने मनाया है '।
यदि आप इसको इस प्रकार लिखें:
होली का पर्वः- 5 अक्षर
सब ने मनाया हैः- 7.अक्षर
यह गलत है। क्यों कि आप ने एक ही वाक्य को दो लाइनों में लिख दिया है, यह हाइकू की पंक्तियां नहीं मानी जाएगी।
हाइकू कविता के रूप में हो, हाइकू में एक भी शब्द व्यर्थ नहीं होना चाहिये। हर शब्द एक साक्षात अनुभव है। कविता के अन्तिम शब्द तक पहुंचते ही एक पूर्ण बिंब सजीव उठता है। ऐसा लगे कि एक दृश्य सामने आगया है, प्रतीक खुल रहे हैं, तस्वीर स्पष्ट है।
अब हर प्रकार के विषयों पर हाईकू लिखना भी मान लिया गया है, यहां तक कि व्यंग्य पर भी। नीचे हाइकू देता हूं:
इस में एक दर्द भरी कवित्वपूर्ण तस्वीर, कहानी नज़र आती है।
छिड़ा जो युद्ध (5 अक्षर):- छि/ड़ा/जो/यु/द्ध
रोयेगी मनुजता (7 अक्षर):- रो/ये/गी/म/नु/ज/ता
हंसेंगे गिद्ध (5 अक्षर):- हं/सें/गे/गि/द्ध
इसे पढ़ने पर भी स्पष्ट हो जाता है।
महावीर शर्मा
mahavir@mpsharma.com
Blog: Mahavir: mpsharma.com/mahavir

10:07 AM  

Post a Comment

<< Home