tag:blogger.com,1999:blog-9337690.post-1160279383080717322006-10-07T20:47:00.000-07:002006-10-07T20:49:43.106-07:00आज कल के पुलिंदेभज्जी के बालों का किस्सा पढ कर याद आया की मेरा ऍक अभिन्न सरदार मित्र अकसर मुंडेर पर पीठ कर बाल सुखाता था. जब कोई आवारा उसके बाल देखकर फब्ती कसता तो वह मुड़ कर बत्तीसी निपोरता था. <br /><br />आज चलो ऍक पहेली पूछते हैं, बूझो तो जाने. आपके पास ऍक ३ लीटर का और ऍक ५ लीटर का बरतन है. आप नरमदा नदी के किनारे बैठे हैं, जितना चाहो पानी ईस्तेमाल करो. तो बताओ बिना किसी और माप के कैसे मुझे ठीक नाप के ४ लीटर पानी दोगे ?<br /><br />"वी" में खेलने पर बचपन से ईतना जोर दिया गया है की क्या बताऊँ, आज क्रिकेट मैच था. काफी रोमांचकारी उतार चढाव रहे. आखिरी में रन नही बने, क्योंकि लपेटे मारने की आदत ही नही है. ४२ पर नाट आउट लौट आया मैच ७ रन से हरा कर टीम को. काफी हल्ला हुआ. सबको बीयर पिलाई तब जा कर हल्ला बंद हुआ टीम का. फैसला लिया गया की मुझे सिर्फ पहले नंबर पर भेजा जाऍगा क्योंकि मैं लपेटे नही मार सकता. <br /><br />कल न्यु जर्सी तरफ पतझड़ के रंग बिरंगे पेड़ देखने जा रहा हुँ. लौट कर पिक्चरें अपलोड करुँगा.Kalicharanhttp://www.blogger.com/profile/13820034560677352485noreply@blogger.com